PANCHANG: 18 नवंबर 2023 का पंचांग………आज खरना के दिन से शुरू हो जाता है छठ का व्रत………..जानिये खरना की ये जरूरी बातें……….पंचांग पढ़कर करें दिन की शुरुआत

पंचांग का दर्शन, अध्ययन व मनन आवश्यक है। शुभ व अशुभ समय का ज्ञान भी इसी से होता है। अभिजीत मुहूर्त का समय सबसे बेहतर होता है। इस शुभ समय में कोई भी कार्य प्रारंभ कर सकते हैं।

आज कार्तिक माह शुक्ल पक्ष की पंचमी है व उत्तरषाढा नक्षत्र है। आज शनिवार है। आज राहुकाल 08:58 से 10:20 तक हैं। इस समय कोई भी शुभ कार्य करने से परहेज करें।

आज का पंचांग (अंबिकापुर)

दिनांक18 नवंबर 2023
दिवसशनिवार
माहकार्तिक
पक्षशुक्ल पक्ष
तिथिपंचमी
सूर्योदय06:13:37
सूर्यास्त17:10:43
करणबालव
नक्षत्रउत्तरषाढा
सूर्य राशिवृश्चिक
चन्द्र राशिमकर

मुहूर्त (अंबिकापुर)

शुभ मुहूर्त- अभिजीत 11:20 से 12:04 तक
राहुकाल 08:58 से 10:20 तक

हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि से छठ पर्व की शुरुआत होती है। चार दिन तक चलने वाले इस पर्व में पहले दिन नहाय खाय, दूसरे दिन खरना और अन्य दो दिनों में छठ पूजा की जाती है। ऐसे में आज यानी 18 नवंबर, शनिवार के दिन खरना किया जाएगा।

खरना के दिन सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

छठ पूजा के 4 दिनों के इस पर्व में सूर्योदय और सूर्यास्त का समय विशेष महत्व रखता है। ऐसे में खरना के दिन सूर्योदय सुबह 06 बजकर 13 मिनट पर होगा। वहीं सूर्यास्त का समय शाम 05 बजकर 10 मिनट रहेगा।

नए चूल्हे पर बनता है प्रसाद

खरना के दिन महिलाएं उपवास रखती हैं और शाम को मिट्टी के नए चूल्हे पर आम की लकड़ी द्वारा गुड़ की खीर का प्रसाद बनाती हैं। इस प्रसाद को ग्रहण करने के बाद से ही निर्जला व्रत की शुरुआत हो जाती है। जिसका पारण (व्रत खोलना) अगले दिन सूर्य देने के बाद ही किया जाता है।

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सफाई का विशेष ध्यान

छठ पूजा के दौरान पवित्रता और साफ-सफाई का मुख्य रूप से ध्यान रखा जाता है। ऐसे में खरना के दिन भी साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखें। साथ ही इस बात का खरना का प्रसाद उस स्थान पर नहीं बनाया जाता जहां पर आप नियमित रूप से भोजन पकाते हैं। प्रसाद बनाने के लिए घर के किसी नए व स्वच्छ स्थान का चयन करें।

ये नियम है जरूरी

व्रत कर रही महिला के अलावा परिवार के अन्य लोगों को भी लहसुन-प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए। व्रत कर रही महिला हो को बिस्तर पर नहीं बल्कि जमीन पर सोना चाहिए।



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