July 18, 2024 11:19 pm

Republic Day 2024: देश के 75वे गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ में भारत की आन-बान और शान… दिखेगी नारी शक्ति और देश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता

26 जनवरी 2024 को देश 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. इस दिन साल 1950 में इस दिन भारत का संविधान लागू हुआ था. गणतंत्र दिवस (Republic Day) के मौके पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर परेड का खास आयोजन होता है. कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड में भारत अपनी बढ़ती सैन्य ताकत और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के भव्य प्रदर्शन के साथ गणतंत्र दिवस का जश्न मनाएगा. कर्तव्य पथ पर 75वें गणतंत्र दिवस की परेड महिला केंद्रित होगी और ‘विकसित भारत’ और ‘भारत-लोकतंत्र की मातृका’ मुख्य विषय होंगे. देश की महिला शक्ति और लोकतांत्रिक मूल्यों पर केंद्रित इस भव्य समारोह में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. 

गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय समर स्मारक पर जाने से होगी, जहां वह शहीद हुए नायकों को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उनके फ्रांसीसी समकक्ष इमैनुएल मैक्रों पारंपरिक बग्गी में पहुंचेंगे. यह प्रथा 40 साल के अंतराल के बाद फिर से शुरू हो रही है.

राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद राष्ट्रगान के साथ ही स्वदेशी बंदूक प्रणाली ‘105-एमएम इंडियन फील्ड गन’ से 21 तोपों की सलामी दी जाएगी. इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू के सलामी लेने के साथ परेड शुरू होगी. परेड की थीम है- ‘विकसित भारत’, जिसमें पहली बार तीनों सेनाओं का ऑल-विमेन मार्चिंग कंटिंजेंट भाग लेगा। इसका नेतृत्व भी महिला अफसर के हाथ में है. परेड करने वाली सभी टुकड़ियों की लीडर महिला होंगीं.

कर्त्तव्य पथ पर संस्कृति भी शौर्य भी

सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिकाओं पर प्रकाश डालते हुए, मणिपुर की झांकी में महिलाओं को कमल के तने के नाजुक रेशों से काम करते और पारंपरिक ‘चरखे’ का इस्तेमाल करके धागा बनाते हुए दिखाया जायेगा. झांकी के सामने वाले हिस्से में एक महिला को मणिपुर की लोकताक झील से कमल की डंडियां एकत्र करते हुए दिखाया जाएगा. झांकी के किनारों पर नावों पर सवार और कमल की डंडियां एकत्र करती हुई महिलाओं को प्रदर्शित किया जाएगा. मणिपुर की झांकी के पीछे ‘इमा कीथेल’ की एक प्रतिकृति बनाई गई है – जो एक महिला बाजार है. यह बाजार कई सदियों पुराना है और इसे पूरी तरह से महिलाएं चलाती हैं.

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महत्वपूर्ण प्रणालियों और प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करने के अलावा, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) रक्षा अनुसंधान के मुख्य क्षेत्रों में अपनी महिला वैज्ञानिकों के महत्वपूर्ण योगदान को चित्रित करने के लिए तैयार है. एंटी-सैटेलाइट मिसाइल से लेकर तीसरी पीढ़ी की एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल और हल्के लड़ाकू विमान तेजस तक, डीआरडीओ में महिलाओं की भागीदारी को उनकी झांकी में प्रमुखता से उजागर किया जाएगा.

ISRO की झांकी में चंद्रयान -3

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) चंद्रमा पर अपने लैंडिंग स्थल ‘शिव शक्ति’ बिंदु पर ‘चंद्रयान -3’ का प्रदर्शन करेगा.

महिलाओं की भागीदारी दिखाएंगी झांकियां

मध्य प्रदेश की आत्मनिर्भर और प्रगतिशील महिलाओं पर प्रकाश डालते हुए, झांकी आधुनिक सेवा क्षेत्र से लेकर लघु उद्योग तक के क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी पर केंद्रित होगी. झांकी में मध्य प्रदेश की पहली महिला लड़ाकू पायलट, भारतीय वायुसेना (आईएएफ) की अवनी चतुर्वेदी होंगी. वह एक लड़ाकू विमान के मॉडल के साथ खड़ी नजर आएंगी.

ओडिशा की झांकी में हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को दर्शाया जायेगा, वहीं छत्तीसगढ़ की झांकी में बस्तर के आदिवासी समुदायों में महिला प्रभुत्व को प्रदर्शित किया जायेगा.

मध्य प्रदेश की झांकी में कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से विकास प्रक्रिया में महिलाओं के एकीकरण की राज्य की उपलब्धि को प्रदर्शित किया जायेगा.

राजस्थान की झांकी राज्य की उत्सव संस्कृति के साथ-साथ महिला हस्तशिल्प उद्योगों के विकास का प्रदर्शित करेगी. झांकी में नर्तकी के पुतले के साथ राजस्थान के प्रसिद्ध ‘घूमर’ लोक नृत्य को दर्शाया जाएगा. इसमें मीरा बाई की एक खूबसूरत मूर्ति भी होगी, जो भक्ति और शक्ति का प्रतीक मानी जाती हैं. झांकी में बंधेज, बगरू प्रिंट सहित समृद्ध हस्तशिल्प परंपराओं की झलक भी दिखाई जाएगी.

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हरियाणा की झांकी में सरकारी कार्यक्रम ‘मेरा परिवार-मेरी पहचान’ के जरिए राज्य में महिलाओं के सशक्तीकरण को प्रदर्शित किया जायेगा. झांकी में हरियाणवी महिलाओं को डिजिटल उपकरण का इस्तेमाल करते हुए दिखाया जायेगा कि कैसे ‘डिजिटल इंडिया’ पहल के जरिये वे सिर्फ एक ‘क्लिक’ के साथ सरकारी योजनाओं तक अपनी पहुंच बना सकती हैं.

छत्तीसगढ़ की झांकी में बस्तर के आदिवासी समुदायों में महिला प्रभुत्व को दर्शाया जाएगा. परंपराओं को प्रदर्शित करने के लिए इसे बेल मेटल और टेराकोटा कलाकृतियों से सजाया गया है.

लद्दाख की झांकी में भारतीय महिला आइस हॉकी टीम का प्रदर्शन किया जायेगा जिसमें लद्दाखी महिलाएं भी शामिल हैं.

बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय की झांकी में भारत के समुद्री क्षेत्र के विकास को प्रदर्शित किया जायेगा.

अन्य झांकियों में क्या?

गुजरात सरकार ने सोमवार को कहा था कि कच्छ के धोरडो गांव पर एक झांकी नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में प्रदर्शित की जाएगी.

धोरडो गांव ने हाल में 54 सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में जगह बनाई है.

तमिलनाडु की झांकी में बर्तनों में पत्ती मतपत्रों को प्रदर्शित करके 10वीं शताब्दी के चोल युग के दौरान लागू की गई मतदान प्रक्रिया को प्रदर्शित किया जायेगा.

इस वर्ष आंध्र प्रदेश की झांकी स्कूली शिक्षा में बदलाव और छात्रों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के विषय पर है.

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) की नमो भारत ट्रेन की प्रतिकृति इस गणतंत्र दिवस पर उत्तर प्रदेश की झांकी में दिखेगी.

देश दिखाएगा अपनी ताकत

गणतंत्र दिवस परेड में मिसाइलों, ड्रोन जैमर, निगरानी प्रणाली, वाहन पर लगे मोर्टार और पैदल सेना के बीएमपी-2 लड़ाकू वाहनों जैसे घरेलू हथियारों और सैन्य उपकरणों की एक श्रृंखला प्रदर्शित करेगा, जो काफी हद तक “महिला केंद्रित” होगी. पहली बार सेना के तीनों अंगों की महिलाओं की टुकड़ी देश के सबसे बड़े समारोह का हिस्सा होगी. परेड में 80 प्रतिशत गतिविधियां महिलाओं द्वारा की जाएंगी.

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परेड में फ्रांस से 95 सदस्यीय मार्चिंग दस्ता और 33 सदस्यीय बैंड दस्ता हिस्सा लेगा। समारोह में दो राफेल लड़ाकू विमान और फ्रांसीसी वायुसेना से एक एयरबस ए330 मल्टी-रोल टैंकर परिवहन विमान भी शामिल होंगे. फ्रांसीसी विदेशी सेना कोर से संबंधित फ्रांसीसी मार्चिंग दल के कमांडर कैप्टन नोएल लुईस ने कहा, “छह भारतीय फ्रांसीसी टीम का हिस्सा होंगे.”

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