MARGASHIRSHA PURNIMA 2023: जानें मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान का महत्व

मार्गशीर्ष पूर्णिमा का दिन बेहद शुभ माना गया है। इस दिन गंगा स्नान के साथ-साथ गंगा पूजन का भी महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन जो साधक गंगा स्नान करते हैं उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही उनके पापों का नाश होता है। ऐसे में इस दिन मां गंगा स्तोत्र का पाठ करना भी फलदायी माना गया है।

26 दिसंबर को मार्गशीर्ष पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस दिन गंगा स्नान के साथ-साथ गंगा पूजन का भी महत्व है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन जो साधक गंगा स्नान करते हैं, उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही उनके पापों का नाश होता है। ऐसे में इस दिन मां गंगा स्तोत्र का पाठ करना भी फलदायी माना गया है।

हर माह में पूर्णिमा तिथि के दिन गंगा स्नान विशेष रूप से की जाती है, लेकिन मार्गशीर्ष पूर्णिमा को मोक्षदायिनी पूर्णिमा कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन स्नान-दान करने से 32 गुना अधिक पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इस दिन चंद्रमा की पूजा का भी विशेष महत्व है। इस दिन रात्रि में चंद्रोदय होने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है। कहते हैं कि पूर्णिमा के दिन चंद्रमा का पूजन करने से व्यक्ति को चंद्रदोष (चंद्रदोष उपाय) से छुटकारा मिल सकता है। साथ ही इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा का भी विधान है और ऐसी मान्यता है कि माता लक्ष्मी की पूजा और उपासना करने से जातक को कभी आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ता है और धन-धान्य की प्राप्ति होती है।

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जानें स्नान-दान का समय

दिनांक 26 दिसंबर को मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन स्नान-दान ब्रह्म मुहूर्त से ही प्रारंभ हो जाएगा। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त (ब्रह्म मुहूर्त उपाय) सुबह 05:22 मिनट से लेकर सुबह 06:17 मिनट तक है। इस समय के अलावा सुबह 09 बजकर 47 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 39 मिनट के मध्य में आप स्नान, दान और पूजा-पाठ कर सकते हैं।

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