Election Reforms Law: वोटर ID को आधार से जोड़ने वाला ‘चुनाव सुधार विधेयक’ लोकसभा में पारित………. विपक्षी दलों ने किया विरोध

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विपक्ष के जबरदस्त हंगामे के बीच आधार कार्ड और वोटर ID कार्ड को लिंक करने से संबंधित विधेयक आज लोकसभा से पारित हो गया। सरकार का कहना है कि दोनों कार्ड को लिंक करने से डुप्लीकेट वोटर्स को छांटने में मदद मिलेगी, वहीं विपक्ष ने इसके विपरीत आशंका जताई है। विपक्षी पार्टियों का कहना है कि ऐसा करने से गैर-नागरिकों को वोटिंग का अधिकार मिल सकता है और कई लोगों का वोटिंग का अधिकार भी छिन सकता है।

विधेयक में क्या प्रावधान हैं?

लोकसभा से पारित किए गए चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक, 2021 में आधार कार्ड को वोटर ID कार्ड से जोड़ने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि चूंकि एक व्यक्ति का एक ही आधार कार्ड बन सकता है, इसलिए इससे दो जगह वोट डालने वाले लोगों को छांटा जा सकेगा। निजता के अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कारण ऐसा करना वैकल्पिक होगा। विधेयक में आधार की मदद से वोटर कार्ड बनवाने का प्रावधान भी है।

कांग्रेस सांसदों ने विधेयक पर उठाए सवाल

विधेयक का विरोध करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकसभा में कहा, “आधार निवास का प्रमाण होना था, नागरिकता का नहीं। अगर आप वोट ID को आधार कार्ड से जोड़ रहे हैं तो आप संभावित रूप से गैर-नागरिकों को वोटिंग का अधिकार दे रहे हैं।” कांग्रेस के दूसरे सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि वोटिंग एक कानूनी अधिकार है और आधार को वोटर ID से जोड़ना गलत है। उन्होंने कहा कि आधार अधिनियम इसकी इजाजत नहीं देता।

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विदेयक पारित हुआ तो लाखों लोग खो देंगे वोटिंग अधिकार- ओवैसी

AIMIM प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने भी विधेयक का विरोध किया। आधार और वोटर कार्ड को जोड़ने को बड़ी गलती बताते हुए उन्होंने कहा, “ये लोकतंत्र और नागरिकों के अधिकारों को कमजोर करेगा। आधार कार्ड में आठ प्रतिशत गलतियां पाई गई हैं, वहीं वोटर कार्ड में तीन से चार प्रतिशत गलतियां होती हैं। अगर ये विधेयक पारित होता है तो देश में बड़ी संख्या में लोग अपना वोटिंग अधिकार खो देंगे।”

TMC सांसद बोले- चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रही सरकार

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद सौगत रॉय ने भी विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि सरकार चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रही है। विपक्ष ने सरकार ने विधेयक को संसदीय समिति को भेजने की मांग भी की।

सरकार ने विपक्ष की आशंकाओं को बताया निराधार

सरकार ने विपक्ष की इन आशंकाओं को खारिज करते हुए इन्हें निराधार और गुमराह बताया। केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू ने कहा, “सरकार फर्जी वोटिंग और नकली वोटिंग को रोकना चाहती है। इसमें विपक्ष को सरकार का समर्थन करना चाहिए।” इस बहस के दौरान अन्य विपक्षी सांसद लखीमपुर खीरी हिंसा के मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के इस्तीफे की मांग करते रहे और उनके हंगामे के बीच ही दोनों पक्षों ने अपने विचार रखे।

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