DRDO: ब्रह्मोस की गर्जना से दहल जाएगी दुनिया! सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल एक्सपोर्ट करेगा भारत…….. भारतीय रक्षा अनुसंधान संगठन ने किया ऐलान

भारत के वैज्ञानिकों और रक्षा क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण खबर! रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ऐलान किया है कि भारत मार्च 2024 से स्वदेशी रूप से विकसित सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल “ब्रह्मोस” का निर्यात शुरू करेगा. भारत अगले दस दिनों में फिलिपींस को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की यूनिट देना शुरू कर देगा. भारतीय रक्षा अनुसंधान संगठन (DRDO) के चेयरमैन डॉ. समीर वी. कामत ने कहा कि मार्च तक फिलिपींस को ब्रह्मोस मिसाइलें मिल जाएंगी.

यह 290 किलोमीटर से अधिक की रेंज के साथ दुनिया की सबसे तेज क्रूज मिसाइलों में से एक है. इसकी उच्च सटीकता और घातक क्षमता के कारण इसे एक शक्तिशाली हथियार माना जाता है. भविष्य में भारतीय सेनाओं में डीआरडीओ द्वारा विकसित कई स्वदेशी हथियार शामिल होने वाले हैं.  एलसीए-एमके1, अर्जुन-एमके1ए, क्यूआरएसएएम सेना में शामिल होने वाले हैं. इसके अलावा आकाश मिसाइल सिस्टम के कई स्क्वॉड्रन सेना में शामिल होंगे. इसके अलावा कई और टैक्टिकल मिसाइलें भी सेना में बहुत जल्द शामिल होंगी.

भारत ब्रह्मोस मिसाइलों के विभिन्न संस्करणों का उत्पादन करता है, जिनमें भूमि, जहाज, पनडुब्बी और हवाई लॉन्च प्लेटफॉर्म शामिल हैं. हाल ही में, DRDO ने ब्रह्मोस-II का सफल परीक्षण किया, जो और भी तेज और उन्नत संस्करण है.

ब्रह्मोस के निर्यात की अनुमति से भारत को कई लाभ होने की उम्मीद है. यह विदेशी मुद्रा आय को बढ़ाएगा, रक्षा उत्पादन क्षेत्र में रोजगार पैदा करेगा, और भारत की वैश्विक रक्षा प्रौद्योगिकी बाजार में साख को मजबूत करेगा. इसके अलावा, यह भारत के रणनीतिक साझेदारों के साथ रक्षा सहयोग को भी बढ़ावा देगा. ब्रह्मोस दुनिया भर के कई देशों के हथियारों के जखीरे का हिस्सा बनेगा, जिससे भारत की रक्षा क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति के रूप में स्थिति को मजबूत करेगा.

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