VASTU TIPS: घर की दक्षिण दिशा में गलती से भी न रखें ये चीजें …….. घर से चली जाएगी सुख-समृद्धि

यदि घर में वास्तु शास्त्र के नियमों का ध्यान रखा जाए तो इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलता है। हिंदू धर्म में दक्षिण दिशा को यम की दिशा कहा जाता है। साथ ही यह पितरों की दिशा भी मानी जाती है। ऐसे में दक्षिण दिशा से जुड़ी जरूरी बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है वरना व्यक्ति को जीवन में कई तरह की समस्याओं सामना करना पड़ता है।

वास्तु शास्त्र, हिंदू धर्म के सबसे प्राचीन पुराने विज्ञानों में से एक माना गया है। वास्तु शास्त्र में दिशाओं का विशेष महत्व माना गया है। हर दिशा के तरह दक्षिण दिशा भी अपने आप में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। इसके साथ ही वास्तु शास्त्र में निहित दक्षिण दिशा के कुछ विशेष नियमों का ध्यान रखना जरूरी है। ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं, कि दक्षिण दिशा में किन चीजों को रखने से नुकसान हो सकता है।

दीपक की सही दिशा

हिंदू धर्म में दीया शुभता का प्रतीक माना जाता है, इसलिए पूजा-पाठ में और तुलसी पर मुख्य रूप से दीया जलाया जाता है। लेकिन वास्तु शास्त्र में माना गया है कि दक्षिण दिशा में कभी भूलकर भी दीपक नहीं जलाना चाहिए। वरना इससे व्यक्ति को कई तरह की दिक्कतों का सामना पड़ सकता है। वास्तु शास्त्र में दीया जलाने के लिए उत्तर दिशा सबसे बेहतर मानी गई है।

न रखें ये चीजें

वास्तु शास्त्र में माना गया है कि दक्षिण दिशा में जूते और चप्पलों को नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति को पितृ दोष का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही दक्षिण दिशा में किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक सामान रखना भी शुभ नहीं माना जाता।

इसे भी पढ़ें:  SURGUJA COVID MOCK DRILL: देश मे कोविड-19 के संक्रमण के प्रकरणों में वृद्धि को दृष्टिगत रखते हुए जिले में हुई कोविड प्रबंधन मॉक ड्रिल.............कलेक्टर-एसपी रहे मौजूद

हावी हो सकती है नेगेटिव एनर्जीइस बात का विशेष ध्यान रखें कि दक्षिण दिशा में कभी भी पूजा घर नहीं होना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दिशा में पूजा करना शुभ नहीं माना जाता है। ऐसा करने से घर में नेगेटिव एनर्जी का संचार होने लगता है, जो व्यक्ति को बुरे प्रभाव दे सकता है।

मिल सकते हैं नकारात्मक परिणामसनातन धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत ही पूजनीय और पवित्र माना गया है। ऐसे में इस बात का ध्यान रखें कि तुलसी का पौधा घर की दक्षिण दिशा में नहीं रखना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति को नकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

‘इस लेख में निहित किसी भी जानकारी की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।’

क्या आपने इसे पढ़ा:

error: Content is protected !!