CHHATTISGARH: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने मोर बिजली एप के नए वर्जन  2.0 को किया लांच……छत्तीसगढ़ी में जानकारी देने वाला पहला शासकीय एप बना मोर बिजली एप 2.0

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मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज अपने कोरबा प्रवास के दौरान ‘मोर बिजली एप 2.0‘ का शुभारंभ किया। मोर बिजली एप के पहले वर्जन को बिजली उपभोक्ताओं का अच्छा प्रतिसाद मिलने के कारण ही नागरिक सेवाओं को विस्तार देते हुए एप के दूसरे वर्जन को तैयार किया गया है। मोर बिजली एप 2.0 के माध्यम से अब उपभोक्ताओं को 36 प्रकार की सेवाएं मिलेंगी। 

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को इस पहल के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को अब मोर बिजली एप के पहले वर्जन से अधिक सुविधाएं घर बैठे ही मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए मोर बिजली एप दूसरा दफ्तर बन गया है और खुशी की बात है कि बिजली विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां छत्तीसगढ़ी बोली में उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि इस नए एप में हमारी सरकार द्वारा चलायी जा रही बिजली बिल हाफ योजना अंतर्गत उपभोक्ता को योजना के प्रारंभ से लेकर अब तक बिजली बिल में प्राप्त छूट की राशि के बारे में भी जानकारी प्राप्त होगी। साथ ही उपभोक्ता छूट की राशि का प्रमाण पत्र भी डाउनलोड कर पायेंगे।

कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, उप मुख्यमंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल, सांसद श्री दीपक बैज तथा ऊर्जा विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद उपस्थित भी थे। 

मोर बिजली एप 2.0-

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा लांच किए गए मोर बिजली एप 2.0 में 36 प्रकार की उपभोक्ता सेवाएं प्राप्त होगी। जिसमें बिल की जानकारी, गणना, दरें, बिल भुगतान सुविधाएं, जैसे ऑनलाईन भुगतान, नजदीकी भुगतान केन्द्र, पिछले दो वर्षों का बिल भुगतान विवरण, बिजली बिल हाफ योजना में प्राप्त छूट की जानकारी, विद्युत आपूर्ति तथा बिल से जुड़ी शिकायतें जैसे बिजली बंद, बिल संबंधी शिकायतें, आपातकालीन तथा विद्युत अवरोध, ट्रांसफार्मर की खराबी आदि की सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ ही नए बिजली कनेक्शन, नाम परिवर्तन, टैरिफ परिवर्तन, लोड बढ़ाने-घटाने, मीटर शिफ्टिंग जैसी सुविधाओं के लिए ऑनलाईन आवेदन कर सकते है। उपभोक्ता अपने ऑनलाईन आवेदन की स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर पाएंगे। उपभोक्ता अपनी व्यक्तिगत प्रोफाइल जैसे- मोबाइल नम्बर जोड़ने-बदलने, ई-मेल आईडी के साथी बिजली कनेक्शन प्रोफाईल एप के माध्यम से बना पाएंगे। एसएमएस और मोबाईल एप की भाषा का चुनाव भी आसानी से हो सकेगा। 

बिजली कनेक्शन और नजदीकी विद्युत कार्यालय की जानकारी भी एप में-

बिजली उपभोक्ताओं को उनके बिजली कनेक्शन से संबंधित कई जानकारियां जैसे संबंधित बिजली ऑफिस, फ्यूज ऑफ कॉल सेन्टर तथा भुगतान केन्द्र का पता, सहायक/कनिष्ठ अभियंता का नाम तथा अन्य कई आवश्यक जानकारियां मालूम नहीं रहती है, इसलिए मोर बिजली मोबाइल ऐप वर्जन 2.0 में उपभोक्ता को ये सभी जानकारियां बिजली कनेक्शन प्रोफाइल में उपलब्ध करायी गई है। इसमें उपभोक्ता से संबंधित मीटर, पोल, ट्रांसफार्मर, 11 के.व्ही. फीडर तथा सबस्टेशन और अन्य आवश्यक जानकारियां भी शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ी बोली में जानकारी देने वाला पहला शासकीय एप बना मोर बिजली एप 2.0-

नए मोर बिजली एप को प्रदेशवासियों की सुविधा के लिए छत्तीसगढ़ी बोली में उपलब्ध कराया गया है। जिन उपभोक्ताओं ने छत्तीसगढ़ी बोली को एसएमएस की भाषा के रूप में चुना है, उन्हें मासिक बिजली बिल, बिल भुगतान, बिल भुगतान रिमाइन्डर और बिल भुगतान की जानकारी छत्तीसगढ़ी में भेजी जाएगी। इसके साथ ही यह छत्तीसगढ़ी बोली का प्रदेश का पहला शासकीय मोबाइल एप बन चुका है। 

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मोर बिजली एप ने रचा नया कीर्तिमान-

छत्तीसगढ़ के भुईयां मोबाइल एप के बाद सिर्फ मोर बिजली एप का हीे 10 लाख से अधिक लोगों ने डाउनलोड किया है। 6 अक्टूबर 2020 को लांच हुए मोर बिजली एप के पहले वर्जन को 13 लाख 25 हजार से अधिक उपभोक्ता डाउनलोड कर उपयोग में ला रहे है। गूगल प्ले स्टोर में निःशुल्क उपलब्ध इस मोबाइल ऐप को 36 हजार 700 से अधिक उपभोक्ताओं द्वारा 5 में से 4.4 की रेटिंग दी गई है। राज्य में मोर बिजली के एप की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है, यही इसकी सफलता का परिणाम है।  

ग्रामीण क्षेत्रों में मोर बिजली एप सर्वाधिक लोकप्रिय-  

छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बिल की जानकारी, बिजली बिल का भुगतान और बिजली बंद होने की शिकायत के लिए मोर बिजली ऐप का भरपूर उपयोग किया जा रहा है। बिजली बंद होने की लगभग 50 प्रतिशत से अधिक शिकायतें मोर बिजली ऐप के माध्यम से प्राप्त हो रही है। शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण भी 70 प्रतिशत से बढ़कर अब 94 प्रतिशत हो गया है। 

देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 1957 में कोरबा में बिजली प्लांट की पहली शुरूआत की थी। मुझे इस बात की बहुत खुशी है कि आज हम यहां अब तक के सबसे बड़े 1320 मेगावाट के पॉवर प्लांट की आधारशिला रख रहे हैं। छत्तीसगढ़ में प्रति व्यक्ति बिजली की खपत देश में सबसे ऊपर है। कोरबा ऊर्जा की राजधानी रही है। हमने छत्तीसगढ़ में बिजली बिल हाफ करने की योजना लागू की, हम 24 घंटे सभी को बिजली प्रदान कर रहे हैं। मुझे इस बात की खुशी है कि हम 42 लाख परिवारों को आधे दाम में 400 यूनिट तक बिजली दे रहे हैं। यह बात मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 12 हजार 915 करोड़ रूपए के लागत से बनने वाले विद्युत उत्पादन कंपनी हसदेव ताप विद्युत गृह की नवीन सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना कोरबा (पश्चिम) के शिलान्यास एवं विकास कार्यों के लोकार्पण भूमिपूजन के दौरान कही।

    मुख्यमंत्री श्री बघेल नेे कहा कि मुझे खुशी है कि पर्यावरण और कोयला की अनुमति मिल चुकी है, सारी प्रक्रिया बहुत तेज हुई है, मेरा विश्वास है कि 2028 तक इसे शुरू कर लेंगे। अब बिजली उत्पादन बढ़कर 40 मेगावाट हो जाएगा। हम सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में भी काम कर रहे हैं। बिजली व्यवस्था को लेकर हम लगातार काम कर रहे हैं। मोर बिजली एप से आप बिल जमा कर सकते हैं और बिजली कटने, खराब होने की शिकायत भी कर सकते हैं। हम विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों की सुविधाएं बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने वनोपजों का समर्थन मूल्य तय किया है, हम 67 प्रकार के वनोपज खरीद रहे हैं। गौठानों में रूलर इंडस्ट्रियल पार्क के माध्यम से रोजगार की वृद्धि की जा रही है, अब गौठान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। 

    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज कोरबा जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान कोरबा के घण्टाघर मैदान में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी हसदेव ताप विद्युत गृह की नवीन सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना कोरबा (पश्चिम) का शिलान्यास किया। इसकी अनुमानित लागत 12 हजार 915 करोड़ रूपए है। श्री बघेल ने विभिन्न विभागों के अंतर्गत किए जा रहे 72 विकास कार्यों का भी लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया जिसकी लागत 112 करोड़ 13 लाख से भी अधिक है। इन कार्यों में 54 करोड़ 70 लाख राशि के 38 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 57 करोड़ 43 लाख से अधिक राशि के 34 विकास कार्यों का शिलान्यास कार्य शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने यहां कलेक्टरेट परिसर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति का अनावरण एवं डिंगापुर में नवनिर्मित ई-लाईब्रेरी का लोकार्पण किया। 

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    इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि विकास के काम पूरे हो रहे है। आज पांवर प्लांट का भूमिपूजन हुआ है। क्रिटिकल पॉवर प्लांट से प्रदूषण कम होगा। आने वाले दिनों कोयले से नहीं बल्कि पानी से बिजली बनाई जाएगी। राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि कोरबा जिले को बहुत सी सौगते देने के लिए मुख्यमंत्री जी का आभार। सांसद श्री दीपक बैज ने कहा कि आज कोरबा जिले में विकास की नई गाथा लिखी जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार में सरगुजा से लेकर बस्तर तक की विकास की गंगा बहा दी गई है।
     
1320 मेगावॉट सुपर क्रिटिकल पॉवर स्टेशन की रखी आधारशिला

    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ को ऊर्जा के क्षेत्र में नई ऊंचाई प्रदान करने हेतु कोरबा जिले में 1320 मेगावाट के सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर स्टेशन कोरबा का शिलान्यास किया । नई (9.78 करोड़ प्रति मेगावॉट) होगी। यहां पर 660 मेगावाट की दो इकाइयां स्थापित होंगी। भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए कोरबा में 660-660 मेगावाट की दो नई इकाइयों की स्थापना की जा रही है। 1320 मेगावाट का यह सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर स्टेशन प्रदेश का सबसे बड़ा और आधुनिक संयंत्र होगा। इससे एक ओर प्रदेश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर होंगा वहीं दूसरी ओर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने सब्सक्रिप्शन कार्ड देकर किया ई-लाइब्रेरी का शुभारंभ
 
    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कोरबा के डिंगापुर में नवनिर्मित प्यारेलाल कवर स्मृति पुस्तकालय का डिजिटल माध्यम से एक क्लिक कर लोकार्पण किया। उन्होंने रीडिंग जोन में अध्ययनरत युवाओं को सब्सक्रिप्शन कार्ड दिया। कोरबा के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षा की बेहतर तैयारी के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए के लिए डिंगापुर में ई-लाइब्रेरी की स्थापना की गई है। ई-लाइब्रेरी की 3 करोड़ 95 लाख की लागत से स्थापना की गई है। यहां प्रतिभागियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरी में स्मार्ट लाईब्रेरी एवं स्मार्ट किड रूम निर्मित की गई है। लाइब्रेरी में बड़े शहरों की तर्ज पर स्टडी केबिन बनाए गए हैं। प्रतिभागियों के ऑनलाइन पढ़ाई के लिए 40 कम्प्यूटर लगाए गए हैं। इसी प्रकार स्मार्ट किड्स रूम में 10 टेबलेट उपलब्ध है, साथ ही बच्चों के लिए इंटरैक्टिव पैनल निर्मित किया गया है जहां टेलीविजन के माध्यम से बच्चों का बौद्धिक विकास एवं ड्राइंग पेंटिग जैसी अन्य चीजें सीख सकेंगे। 

124 एकड़ में 325 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होगा मेडिकल कॉलेज

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    मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज कोरबा जिले को एक बड़ी सौगात देते हुए स्व. बिसाहूदास महंत स्मृति मेडिकल कॉलेज कोरबा के नए भवन की नींव रखी। मेडिकल कॉलेज के नए भवन निर्माण हेतु कोरबा जिले के ग्राम भुलसीडीह, तहसील-भैंसमा में 124.24 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है। इसके निर्माण के लिए 325 करोड का बजट स्वीकृत किया गया है। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय कोरबा का उद्घाटन दिनांक 02 मार्च 2021 को मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा किया गया था । स्थानीय लोगों की मांग अनुसार कोरबा मेडिकल कॉलेज का नामकरण स्व. बिसाहू दास महंत के नाम पर रखा गया है। 

100 सीटर खेल अकादमी में तैयार होंगे राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी

    मुख्यमंत्री श्री  बघेल ने कोरबा के प्रियदर्शनी इंदिरा स्टेडियम परिसर में आवासीय खेल अकादमी का शुभारंभ किया। खेल अकादमी में खिलाड़ियों को फुटबॉल, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल और स्विमिंग जैसे खेल का प्रशिक्षण मिलेगा। आवासीय खेल अकादमी में फुटबॉल में बालक वर्ग में 20 खिलाड़ी, बालिका वर्ग में 20 खिलाड़ी, वॉलीबॉल में बालक वर्ग में 12 व बालिका वर्ग में 12 खिलाड़ियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था है। इसी तरह बास्केट बॉल में बालक व बालिका वर्ग के 10-10 और स्विमिंग में 8-8 बालक-बालिका वर्ग के खिलाड़ियों के प्रशिक्षण सह- आवासीय व्यवस्था है। प्रियदर्शनीय इंदिरा स्टेडियम परिसर में जिला प्रशासन की ओर से एकेडमी के संचालन के लिए सभी संसाधन विकसित किए गए हैं। अकादमी में 100 खिलाड़ियों के प्रशिक्षण व आवास की व्यवस्था की गई है जिससे खेल अकादमी में राष्ट्रीय स्तर के खिलाडी तैयार होंगे।

स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी महाविद्यालय का किया शुभारंभ

    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कोरबा जिले में छात्रों को अंग्रेजी माध्यम में उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए कोरबा में स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय का शुभारंभ किया। इस सत्र से अंग्रेजी महाविद्यालय  कला, वाणिज्य, विज्ञान एवं कम्प्यूटर विज्ञान विषय के साथ प्रारम्भ हो रहा है। यह महाविद्यालय अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर से संबंद्ध है। सत्र 2023-24 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ है, जिसमें सभी संकायों में विद्यार्थी प्रवेश ले रहें है। यह महाविद्यालय  परम्परागत अध्यापन की सुविधा के साथ-साथ आधुनिकतम उपकरणों से भी सुसज्जित है। जिसका लाभ यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को प्राप्त होगा।  

    इस अवसर पर सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, गौ सेवा आयोग के सदस्य श्री प्रशांत मिश्रा, महापौर श्री राजकिशोर प्रसाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला छत्रपाल कंवर, विधायक पाली तानाखार श्री मोहित राम केरकेट्टा, विधायक कटघोरा श्री पुरुषोत्तम कंवर, सभापति नगर निगम श्री श्याम सुंदर सोनी,श्री अंकित आनंद सचिव ऊर्जा विभाग छत्तीसगढ़ शासन, श्री पी दयानंद सचिव चिकित्सा शिक्षा छत्तीसगढ़ शासन,  संभागायुक्त श्री भीम सिंह, आईजी श्री बीएन मीणा, कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा, एसपी श्री उदय किरण, सीईओ जिला पंचायत श्री विश्वदीप स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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