AMBIKAPUR: केआर टेक्निकल कॉलेज में अंतराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस के अवसर पर आयोजित हुआ कार्यक्रम ……छात्राओं को शारीरिक और मानसिक रूप से ताकतवर बनने के लिए किया गया प्रेरित

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अंतराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस के अवसर पर आज केआर टेक्निकल महाविद्यालय के सभाकक्ष में वुमन एम्पावर सेल और एंटी सेक्सुअल हरस्मेंट सेल के संयुक्त तत्वाधान में छात्राओं के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की डायरेक्टर श्रीमती रीनू जैन, प्राचार्य डॉ. रितेश वर्मा, वुमन एम्पावर सेल की प्रभारी सुश्री ममता दुबे, एंटी सेक्सुअल हरस्मेंट सेल की प्रभारी सुश्री करिश्मा यादव, सहायक प्राध्यापक और महाविद्यालय की छात्रायें उपस्थित थी।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रितेश वर्मा ने छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा की जिस प्रकार हम लोग अमूल्य गहनों को घर में सुरक्षित ढंग से, संभाल कर और दूसरों से बचा कर रखते हैं ठीक उसी प्रकार आप सभी भी अपने माता-पिता और हमारे लिए अमूल्य गहना हो और इसी तरह हम सब भी आपको संभाल कर रखना चाहते है। उन्होंने कहा की अगर आपको दिख रहा है कि किसी महिला को प्रताडि़त किया जा रहा है तो उसे हिम्मत दें, उसकी बात ध्यान से सुनें, उसका विश्वास करें और उन्हें जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने को कहें। उन्होंने छात्राओं को अपने माता-पिता की बात सुनने, उनको समझने और उनसे कुछ भी ना छुपाने के लिए प्रेरित किया।

महाविद्यालय की डायरेक्टर ने छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया कि महिलाओं में एक विशेष प्रकार कि ऊर्जा होती है जिसे गुप्त ऊर्जा कहते है और इस ऊर्जा से आप सभी को शक्ति मिलती है। उन्होंने प्राचीन भारतीय नारी और मध्यकालीन भारतीय नारी की स्थिति पर प्रकाश डाला और महिला अधिकार और कानुन की बात कहते हुए महिला सशक्तिकरण की बात कही। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा की रक्षा करने वाले कानूनों के बारे में जागरूक होना और हिंसा या किसी भी प्रकार के उत्पीड़न को दूर करने के लिए पुलिस और कानून से समर्थन लेना आप सभी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा की कई बार महिला उत्पीड़न आपके आस-पास से शुरू होता है और हम उसके खिलाफ आवाज नहीं उठाकर गलत करते है जिसके कारण वह धीरे-धीरे हिंसा और दुर्व्यवहार में बदल जाती है । हम इन सभी अन्यायों के खिलाफ खड़े होने के लिए तैयार होना चाहिए और इसके लिए आपको शारीरिक और मानसिक रूप से ताकतवर बनना होगा।

इस अवसर पर सहायक प्राध्यापक अंग्रेजी सुश्री अनुराधा एक्का ने छात्राओं को स्वतंत्रता और स्वच्छंदता में अंतर बताते हुए उन्हें प्रेरित किया। सहायक प्राध्यापक और विभागप्रमुख रसायन सुश्री आशामुनी दास ने सोशल मीडिया का उपयोग समझदारी के साथ करने की बात कही। बीसीए प्रथम वर्ष की छात्रा संतोषी लकड़ा, एम.एससी प्रथम रसायन की छात्रा अलका तिर्की, बी.एससी अंतिम की छात्रा चंचल भगत और बी.ए. प्रथम की छात्रा नेहा विश्वकर्मा ने भी इस अवसर पर अपने विचार सबके सामने रखें।

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं से उनके साथ या उनके आस-पास किसी महिला से किये जा रहे किसे भी प्रकार के दुर्व्यवहार, शारीरिक और मानसिक हिंसा को लेकर उनके विचार लिखित रूप से गोपनीय तरीके से लिए गए जिस पर महाविद्यालय की वुमन एम्पावर सेल और एंटी सेक्सुअल हरस्मेंट सेल के द्वारा डायरेक्टर रीनू जैन के मार्गदर्शन में कॉउंसलिंग के जरिये आगे की कार्यवाही करने के लिए निर्णय लिया गया।

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इस कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए सहायक प्राध्यापक अंग्रेजी सुश्री प्रज्ञा सिंह राजपुत ने बताया कि 25 नवम्बर 1960 में इसका शुभारंभ हुआ जब 03 बहनों को डोमिबिक शासक के अत्याचार का विरोध करने पर शासक के द्वारा फॉसी पर लटका दिया गया। कुछ लोगो ने इसका विरोध किया उनकी याद में 25 नवम्बर 1981 को पुण्यतिथि मनाने का नियम बना। उसके बाद सन 1999 से यह दिवस पुरे विश्व में मनाया जाता है। जिसे अंतराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस कहा जाता है।

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