AMBIKAPUR: केआर टेक्निकल कॉलेज में आज विश्व एड्स दिवस पर कार्यक्रम का किया गया आयोजन…………एड्स के प्रति जागरूकता लाने के लिए की गयी पहल

केआर टेक्निकल कॉलेज के सभागार में आज यूथ रेड क्रॉस क्लब और राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वाधान में विश्व एड्स दिवस मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के अधिकारी श्री विनितेश गुप्त, जंतु विभाग की विभागाध्यक्ष सुश्री दीपशिखा अम्बस्ट, सहायक प्राध्यापक सुश्री रुबीना खातून, श्री विनोद चौधरी तथा सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। महाविद्यालय की डायरेक्टर श्रीमती रीनू जैन, प्राचार्य डॉ रितेश वर्मा, नैक समन्वयक मोहम्मद अफरोज अंसारी, आइक्यूएसी समन्वयक सुश्री प्रज्ञा सिंह राजपूत, यूथ रेड क्रॉस क्लब के अधिकारी श्री संदीप डे और महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने इस आयोजन के लिए बधाई दी है।

कार्यक्रम की शुरुआत में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी श्री विनितेश गुप्त ने बताया कि आज ही के दिन पूरे विश्व में एड्स दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष का थीम लेट कम्युनिटीज लीड है यह इस बात पर जोर देता है कि एड्स से प्रभावित लोग अपने जीवन को बेहतर बनाने तथा आवाज उठाने में सक्षम बने। इस बारे में जागरूकता लाने के लिए इस थीम को चुना गया है। उन्होंने आगे बताया कि दुनिया भर में लगभग 3.6 करोड़ लोग एचआईवी पॉजिटिव हैं। यह बहुत ही खतरनाक बीमारी है जिसका इलाज संभव नहीं है इससे बचाव और इसकी रोकथाम के लिए लोगों का जागरूक होना बहुत जरूरी है। एड्स को लेकर हमारे समाज में कई मिथक हैं जिनके बारे में लोगों को जानना जरूरी है। आज के समय में हर व्यक्ति को एड्स से जुड़े सामान्य जानकारी होनी चाहिए जिससे रोग से बचा जा सके।

अगली कड़ी में महाविद्यालय की जंतु विभाग की सहायक प्राध्यापक सुश्री दीपशिखा अम्बस्ट ने बताया कि सबसे पहले 1 दिसंबर 1988 को विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा जागरूकता का कार्यक्रम चलाया गया। एचआईवी एड्स एक वायरस है जो संक्रामक बीमारी फैलता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता खत्म होने लगती है। यह एक सिम्टम्स है जिसे सावधानी के द्वारा ही कंट्रोल किया जा सकता है। यह एचआईवी वायरस मनुष्य के टी सेल को प्रभावित करता हैऔर मनुष्य के इम्यूनिटी सिस्टम को खत्म कर देता है जिसके कारण व्यक्ति बहुत सारी रोगों से ग्रसित हो जाता है। इसके सिम्टम्स बाद में दिखाई देते हैं जिसके कारण टी सेल शरीर में एंटीबॉडी नहीं बना पाता है तब हमारे शरीर में बीमारी फैलने लगता है।

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आगे उन्होंने बताया कि एचआईवी वायरस को खत्म नहीं किया जा सकता केवल सावधानी के द्वारा कंट्रोल करके रोग से बचा जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कुछ सावधानियां बताई गई हैं जिसे सभी को अपनाना बहुत जरूरी है – रक्तदान करने से पहले ब्लड चेक कराना चाहिए। उपयोग में लाया हुआ सीरिंज या खुला सीरिंज का उपयोग नहीं करनी चाहिए।असुरक्षित यौन संबंध से बचना चाहिए। एचआईवी से ग्रसित मरीज के साथ छुआ-छूत का व्यवहार नहीं करनी चाहिए। इस बीमारी के प्रति लोगों में जन जागरूकता फैलाते रहना चाहिए।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में राष्ट्रीय सेवा योजना और यूथ रेड क्रॉस के छात्र-छात्राओं में आदित्य मिश्रा, पूर्णानंद पैकरा, लव कुमार सिंह, दीपक दास, गोल्डी दुबे, जूही पैकरा का विशेष योगदान रहा।

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