AMBIKAPUR: लोकसभा निर्वाचन 2024- निजी सम्पत्ति पर चुनाव प्रचार के लिए संबंधित सम्पत्ति स्वामी की पूर्व सहमति आवश्यक…….. कोई भी जो संपत्ति के स्वामी की लिखित अनुज्ञा बिना सार्वजनिक दृष्टि से आने वाली किसी सम्पत्ति को स्याही, खड़िया, रंग या किसी अन्य पदार्थ से विरूपित करेगा, होगा 1000 रुपए तक जुर्माना का दंड

निर्वाचन आयोग के द्वारा लोकसभा निर्वाचन 2024 के लिए कार्यक्रम घोषणा किये जाने के साथ ही इस जिले में आदर्श आचरण सहिता प्रभावशील हो गयी है। लोकसभा निर्वाचन के दौरान विभिन्न राजनैतिक दलों एवं अभ्यर्थियों द्वारा निर्वाचन का प्रचार-प्रसार करने के लिए शासकीय, अशासकीय भवनों पर नारे लिखवाने का कार्य, पोस्टर कार्य जाने का कार्य एवं बैनर लगाये जाने का कार्य किया जाता है। इसके अतिरिक्त विद्युत एवं टेलीफोन के खम्भों पर भी चुनाव प्रचार से संबंधित झंडियां लगाई जाती है। उपरोक्त कार्यों से शासकीय स्वरूप विकृत हो जाता है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन सम्पत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 की धारा-3 में यह स्पष्ट उल्लेख है कि कोई भी जो सम्पत्ति के स्वामी की लिखित अनुज्ञा के बिना सार्वजनिक दृष्टि से आने वाली किसी सम्पत्ति को स्याही, खड़िया, रंग या किसी अन्य पदार्थ से लिखकर या चिन्हित करके उसे विरूपित करेगा वह 1000 रुपए तक के जुर्माने से दंडनीय होगा।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा छत्तीसगढ़ सम्पत्ति विरूपण निवारण अधिनियम 1994 की धारा-5 में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए आदेश जारी किया है, जिसमें बताया गया कि निर्वाचन के दौरान प्रचार-प्रसार के समय यदि विभिन्न राजनैतिक दलों अथवा निर्वाचन लड़ने वाले अभ्यार्थियों द्वारा सम्पत्ति की स्वामी की अनुज्ञा के बिना शासकीय एवं अशासकीय भवन की दीवारों पर किसी भी प्रकार के प्रचार-प्रसार के नारे लिखकर विकृत किया जाता है, विद्युत एवं टेलीफोन के खम्भों पर झंडिया लगाई जाती है, अथवा ऐसे पोस्टर एवं बैनर लगाकर शासकीय,अशासकीय सम्पत्ति को विकृत किया जाता है। ऐसे पोस्टर एवं बैनर हटाने के लिए तथा चुनावी नारे मिटाने के लिए जिले के प्रत्येक थाना में “लोक सम्पत्ति सुरक्षा दस्ता“ तत्काल प्रभाव से पदस्थ किया जाना है तथा विरूपण करने या चिन्ह बनाने के लिए दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति से किसी विरूपण से मुक्त कराने या किसी चिन्ह को हटाने के लिए भू-राजस्व की बकाया के रूप में किया जाएगा। इस दस्ते में लोक निर्माण विभाग के स्थाई गैग के पर्याप्त संख्या में कर्मचारी पदस्थ रहेंगे। यह लोक सम्पत्ति सुरक्षा दस्ता टीआई या थाना प्रभारी के सीधे देख-रेख में कार्य करेगा। इस दस्ते को सहयोग देने के लिए और स्थल पर जाकर कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए संबंधित थाने का एक सहायक उप निरीक्षक पुलिस मुख्यालय पटवारी एवं स्थानीय निकाय के एक कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाएगी, इस दस्ते को एक वाहन भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिस पर लोक सम्पत्ति सुरक्षा दस्ता का बैनर लगा होगा। लोक निर्माण विभाग द्वारा इस दस्ते को लोक सम्पत्ति को विरूपण से बचाने के लिए सभी आवश्यक सामग्री जैसे गेऊ, चुना, कूंची, ब्रश, बाँस एवं सीढ़ी आदि उपलब्ध कराई जाये। यह लोक सम्पत्ति सुरक्षा दस्ता निर्वाचन की समाप्ति तक टीआई या थाना प्रभारी के सीधे देख रेख में अपने अपने कार्य क्षेत्र में प्रतिदिन भ्रमण करते हुए लोक सम्पत्तियों को विरूपित होने से रोकेगा।

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जारी आदेशानुसार यदि किसी राजनैतिक दल या चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी द्वारा किसी निजी सम्पत्ति को बिना उसके स्वामी के लिखित सहमति के विरूपित किया जाता है, तो निजी सम्पत्ति के स्वामी द्वारा संबंधित थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट कराने के बाद लोक सम्पत्ति सुरक्षा दस्ता निजी सम्पत्ति के सम्पत्ति को विरूपित होने से बचाने की कार्यवाही करेगा एवं थाना प्रभारी संबंधित प्रथम सूचना रिपोर्ट के आधार पर विधिवत जांच कर सक्षम न्यायालय में चालान प्रस्तुत करेगा ।अभ्यर्थी अथवा किसी राजनैतिक दल, यदि किसी निजी सम्पत्ति पर चुनाव प्रचार से संबंधित कोई नारा, पोस्टर, बैनर इत्यादि लगाया जाता है, तो उसके लिए उसे संबंधित सम्पत्ति स्वामी की पूर्व सहमति आवश्यक होगी। ऐसी पूर्व सहमति उपरान्त उपयोग किये गये सम्पत्ति संबंधित विवरण उसके द्वारा निर्धारित प्रारूप के विरूपण के तीन दिवस के भीतर संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर या सहायक रिटर्निंग ऑफिसर को प्रस्तुत करना होगा। थाना प्रभारी लोक सम्पत्ति विरूपण से सम्बन्धित प्राप्त शिकायतों को एक पंजी में पंजीबद्ध करेगा  तथा शिकायत की जाँच कर तथ्य सही पाये जाने पर लोक सम्पत्ति सुरक्षा दस्ता को आवश्यक कार्यवाही करने हेतु निर्देशित करेंगे। थाना प्रभारी कार्यवाही से संबंधित दैनिक प्रतिवेदन संबंधित रिटर्निंग, सहायक रिटर्निंग आफिसर को भेजेंगे, रिटर्निंग ऑफिसर उसे संकलित कर जिला निर्वाचन अधिकारी को भेजेगें।

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